नींद में सुधार के लिए कमरे से दूर रखें मोबाईल, बनेगी सेहत, एक्सपर्ट से समझें इस आदत के फायदे

RAIPUR KI BAAT
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आजकल अच्छी नींद एक सपने की तरह हो गई है। अच्‍छी नींद आई, तो समझ लें कि आपका दिन अच्छा है। नींद को हमेशा प्राथम‍िकता देनी भी चाह‍िए। अच्‍छी नींद, अच्छी सेहत का राज होती है। मैंने नींद सुधारने के ल‍िए अपने मोबाइल को कमरे से दूर रखना शुरू किया और इसका अच्छा असर अपनी सेहत पर देखा। एक्सपर्ट से जानते हैं इसके क्या फायदे हो सकते हैं?

मुझे बचपन से नींद न आने की परेशानी है। मेरे पापा भी बहुत कम समय के ल‍िए सो पाते हैं। बार-बार नींंद खुल जाती है, द‍िमाग में बातें चलती रहती हैं और द‍िमाग अनगि‍नत ख्‍यालों के बीच पूरी रात एक्‍ट‍िव रहता है। मैंने इंटरनेट पर ड‍िज‍िटल ड‍िटॉक्‍स के बारे में सुना था, तो सोचा एक द‍िन ट्राई करूं। ट्राई करने से पहले यह मेरे साथ अचानक हुआ। मुझे रात को कुछ समय फोन के साथ ब‍िताकर सोने की आदत है। एक दि‍न मैं फोन पर वीड‍ियो देख रही थी और बैटरी खत्‍म हो जाने के कारण फोन बंद हो गया। लाइट नहीं थी, तो मैं फोन चार्ज नहीं कर पाई और मुझे थक-हारकर आख‍िर सोना ही पड़ा। अच्‍छी बात यह है क‍ि उस द‍िन नींद जल्‍दी आ गई। तब मुझे समझ आया क‍ि ऐसा फोन को खुद से दूर रखने के कारण हुआ है, बस फ‍िर क्‍या था, मैंने इसे थेरेपी बना ल‍िया और अब अन‍िद्रा की समस्‍या काफी हद तक खत्‍म हो चुकी है।

वैसे तो सोने से तीन से चार घंटे पहले ही फोन का इस्‍तेमाल बंद कर देना चाह‍िए, लेक‍िन मुझे काम के चलते फोन को पहले बंद करने का समय नहीं म‍िलता इसल‍िए कुछ देर फोन इस्‍तेमाल करके मैं दस बजे फोन को दूसरे कमरे में रख आती हूं। जब से मैंने यह आदत अपनाई है, मुझे गहरी नींद आने लगी है। मैं अब पहले से ज्‍यादा अच्‍छी नींद लेकर उठती हूं। पहले मैं तीन से चार घंटे ही सोती थी, अब मैं चार से पांच घंटे सोने लगी हूं।

मुझे फोन का ज्‍यादा इस्‍तेमाल करना पसंद नहीं है। मैं केवल काम के ल‍िए फोन का इस्‍तेमाल करती हूं। आंखें कमजोर हैं, तो ज्‍यादा देर स्क्रीन देखने से स‍िर दर्द होने लगता है, लेक‍िन जब से शार्ट वीड‍ियोज का चलन चला है, मैं भी वीड‍ियो देखने की शौकीन बन गई हूं। मेरे पर‍िवार के लोगों ने जब मुझे स्‍क्रीन का इस्‍तेमाल कम करने के ल‍िए कहा, तो मुझे लगा क‍ि फोन को कमरे के बाहर रखना अच्‍छा व‍िकल्‍प है। इस तरह फोन को भी आराम म‍िलता है और मुझे नींद भी अच्‍छी आती है। अच्‍छी नींद आने से मेरा स्‍ट्रेस लेवल काफी हद तक कम हो गया है और मूड भी अब अच्‍छा रहता है।

फोन चलाने से नींद ड‍िस्‍टर्ब होती है

Neha Anand, Counseling Psychologist, Psychotherapist & Founder Director Bodhi Tree, Lucknow ने बताया क‍िफोन का ज्‍यादा इस्‍तेमाल करने से सेहत और खासतौर पर मानस‍िक सेहत पर बुरा असर पड़ता है। जो भी आप देखकर सोते हैं उसका असर आपके मन पर होता है और व‍िचार दिमाग में चलते रहते हैं ज‍िसके कारण नींद में बाधा होती है इसल‍िए सोने से पहले फोन को बंद कर दें और कोश‍िश करें क‍ि फोन आपके नजदीक न हो। इस तरह आप अन‍िद्रा की समस्‍या से बच सकते हैं।

National Library Of Medicine की एक स्‍टडी के मुताब‍िक, फोन का ज्‍यादा इस्‍तेमाल करने से नींद की गुणवत्ता खराब होने की संभावना ज्‍यादा होती है। इससे स्‍लीप क्वालिटी स्कोर भी खराब होता देखा गया और नींद के पैटर्न में भी बदलाव नजर आया।

निष्कर्ष: Psychologist Neha Anand से बातचीत करके हमें यह पता चला क‍ि फोन का ज्‍यादा इस्‍तेमाल करने से मानस‍िक सेहत पर बुरा असर होता है। वहीं National Library Of Medicine की एक स्‍टडी से पता चलता है कि फोन का ज्यादा इस्‍तेमाल करने से स्‍लीप क्वालिटी स्कोर खराब पाया गया है साथ ही मेरा अनुभव कहता है क‍ि फोन को खुद से दूर रखकर आपको बेहतर नींद आएगी, मेरी तरह आप भी इस उपाय को ट्राई करके देख सकते हैं।


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